अतिरिक्त दिन February में ही क्यों Add करते हैं?

नमस्कार दोस्तो आपका एक बार फिर DostudyOnline.Com पर स्वागत करता हूँ आज के इस आर्टिकल के जरिये में आपको बताऊंगा कि अतिरिक्त दिन February में ही क्यों Add करते हैं? आप में से बहुत लोगो को इसका जवाब नही पता होगा तो आज इस Post को पढ़के आप इसका जवाब जान जायेगे और ये चीज़ कैलेंडर के Syllabus के अंदर आता है और आपको ये जानकारी जाननी बहुत जरूरी हैं
अतिरिक्त दिन February में ही क्यों Add करते हैं?
अतिरिक्त दिन February में ही क्यों Add करते हैं?

कैलेंडर का निर्माण कई हज़ार साल पहले युनानी दार्शनिक कलेण्डर ने किया था और कैलेण्डर पृथिवी के चक्रण की सहायता से बनाया गया था जैसा कि सबको पता होता हैं कि 4 साल बाद 1 दिन बढ़ जाता है और उसको लीप वर्ष या अधि वर्ष कहते हैं जो एक दिन बढ़ता है वो फरवरी में Add किया जाता हैं

तो युनान में नई साल मार्च के महीने से मनाई जाती थी और इस हिसाब से इनका Last Month फरबरी हुआ जाके और जो चीज़ Extra होती हैं या Error से Extra निकल आती है उसको हम लास्ट में ही रख देते हैं इस हिसाब से यूनानियों का Last महीना फरबरी होता था तो लास्ट दिन इसी में रख दिया गया और समय के साथ साथ अंग्रेज़ लोगों ने लगभग पूरे दुनिया पे राज्य किया और ये लोग जनवरी को अपना First Month मानते थे और अपने हक के साथ साथ अंग्रेजो ने वहाँ भी 1st जनवरी से ही नई साल की सुरूआत करदी और ऐसे ये सब आगे बढ़ता रहा इसलिए अतिरिक्त दिन February में ही करते हैं
मेरे हिसाब से अब आपको समझ आगया होगया आशा करता हूँ ये Knowledge आपके काम आएगी।

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