Full Form of PDF in Hindi, PDF की फुलफॉर्म क्या होती है?, Is it True or Not?

Full Form of PDF in Hindi, PDF की फुलफॉर्म क्या होती है?, अगर आप अपने फोन पर या कंप्यूटर पर किताबें पढ़ते हैं तो आपने यह तो सुना ही होगा लेकिन आपके मन में कभी न कभी यह ख्याल आया ही होगा कि आखिर PDF का मतलब क्या होता है, PDF किस बला का नाम है, इसे बनाया कैसे जाता है, क्या हमें इसे प्रयोग में लेना भी चाहिये या नहीं,
तो अगर आप भी यही सोचते हैं तो आज हम आपके सारे सवालों के जवाब देने के लिये ये पोस्ट लिख रहे हैं, तो बस आराम से बैठिये और पढिये।

Full Form of PDF in Hindi | PDF का फुलफॉर्म क्या होता है ?

 

Pdf क्या हैं PDF का इतिहास ? (History Of Pdf)

PDF नाम की किसी चीज़ का जिक्र पहली बार 1990 में Adobe नाम की एक कंपनी के द्वारा किया गया था, इसका Full Form of PDF‘Portable Document Format’ होता है, जिसका अर्थ यह निकलता है कि ऐसी चीज जिसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। यह एक प्रकार का फार्मेट होता है, जैसे कि गानों की फाइलों के फार्मेट .Mp3 , वीडियो फाइलों के फार्मेट .Mkv , .3gp , .avi आदि होते हैं इसी प्रकार Documents का एक फार्मेट .PDF होता है। इसकी खोज के बाद यह कंप्यूटर जगत में काफी प्रचिलित हुआ, क्योंकि उस समय के डिजिटल दुनिया में केवल कंप्यूटर ही था।

Full Form of PDF in Hindi
Adobe

 

सन् 1990 में PDF की खोज के बाद Adobe ने PDF का पहला वर्जन 1.0, 1993 में लांच किया। सन् 1993 से लेकर 1 जुलाई 2008 तक PDF पर Adobe का मालिकाना हक था।फिर 1 July 2008 को Adobe ने एक Public Patent License प्रकाशित किया, जिसके अनुसार PDF पर किसी का मालिकाना हक नहीं रहा Adobe ने उसे Free to Use कर दिया। उसके बाद से इसका बहुत ज्यादा प्रयोग होने लगा।

वर्तमान की बात करें तो हमारे चारों ओर बहुत से Document Format उपस्थित हैं लेकिन हम उन सबमें से PDF को ज्यादा पसंद करतें हैं।

क्योंकि इसमें सबसे ज्यादा फीचर्स होतें हैं, इसमें किसी भी प्रकार का Document बना सकते हैं, और लोगों के साथ share कर सकते हैं, और तो और इसमें यदि आप चाहते हैं कि आपको Document में कोई फोटो लगानी है तो आप वो भी कर सकते हैं, किसी वेब पेज को भी लगा सकते हैं, किसी भी शब्द पर आप किसी भी वेबसाइट की लिंक लगा सकते हैं, और बहुत से फीचर्स हैं इसके।

 

 

Full-Form of PDF

 

PDF फाइल को कैसे देखेंवैसे बाकी के Document Formats (Ex. .exe) को लगभग सभी Document Viewer में आसानी से देखा जा सकता है। पर PDF Format को सपोर्ट करने वाले Software की संख्या थोड़ी कम है, आज कल के कंप्यूटर में तो ये Pre-Installed होते हैं, लेकिन पहले समय में User को Adobe Reader नाम के Software को कंप्यूटर में Install करना होता था तब वह उन फाइल को एक्सेस कर सकता था।

और अब फोन का भी यही हाल है, अब लगभग सभी फोन में पहले ही से PDF को एक्सेस कर सकने वाली ऐप आती हैं। तो आज के ज़माने में ‘PDF फाइल को कैसे देखें’ सवाल किसी की मन में उठ ही नहीं सकता, पता नहीं आपके मन में कैसे उठा…..

 

PDF फाइल को कैसे बनाते हैं (How To Create A Pdf File In Hindi ?)

 

PDF फाइल को बनाना कोई कम आसान नहीं है बल्कि इसे आप बहुत ही आसानी से बना सकते हैं, हम बता रहे हैं न आपको

PDF फाइल को आप अपने फोन और अपने कंप्यूटर से भी बना सकते हैं, और इसके लिये दोनों ऐप स्टोर पर आपको बहुत से सॉफ्टवेयर मिल जायेंगे.

पर WPS Office एक ऐसा Software है जिससे आप अपने Computer मेें भी PDF फाइल को बना सकते हैं और अपने Phone में भी….
नीचे दी हुई वीडियो में बताया गया है कि आप अपने फोन में PDF फाइल को कैसे Create कर सकते हैं।

इस ऐप में बहुत से Feature होते हैं जो आपके बहुत ही काम आ सकते हैं चाहे आप Student हो या कहीं Employee हो और उन Features के बार में जानने के लिये आपको App इंस्टाल करना पड़ेगा।

 

 

source- youtube

 

  • Download WPS Office for your Windows PC (Click Here)
  • Download WPS Office for your Android Phone (Click Here)
  • Download WPS Office for any type of Device (Click Here)

 

Advantages Of PDF | PDF के फायदे

 

Portable and Independent

किसी भी चीज़ में यदि Portability हो तो वह उस चीज़ के लिये बहुत ही बड़ा Advantage हो जाता है, इसी प्रकार PDF में Portability का होना इसे बहुत उपयोगी और आसान बनाता है, जैसे कि आपके पास कोई Document की हार्ड कॉपी है, और आपको डर है कि आप उसे खो न दें, तो आप उसे स्कैन करके PDF फॉर्मेट में save करके अपने कंप्यूटर या फोन में रख सकते हैं, या कहीं Cloud Storage में भी डाल सकते हैं, इससे आपका डाक्यूमेंट सुरक्षित रहेगा। ऐसा आप किसी भी चीज़ के साथ कर सकते हैं।

  • आप किताब पढ़ने के शौकीन हैं तो आप इंटरनेट से बहुत सी किताबे Download कर सकते हैं जो कि आज कल PDF Format में ही मिलती हैं, अब आपको मोटी सी किताब को कहीं ले जाने की जरूरत नहीं है आपके पास आपका फोन या लैपटॉप है बस इतने में ही आपका काम हो जायेगा।  
  • यह Feature उन गरीब लोगों के लिये बहुत काम का है जिन बेचारों के पास किताबे नहीं वे अपने 20,000 के फोन में किताबे बहुत ही आसानी से पढ़ सकते हैं, तो ये Feature बहुत ही काम का है आपको क्या लगता है…..हमें भी बताइये…

More Security (Secure फाइल होती हैं)

PDF Format में आप अपने किसी भी Document पर Password लगा सकते हैं ताकि आपके आलावा और कोई भी उसे Access ना कर सके, और ये फीचर इसे बहुत ही ज्यादा Secure बनाता है,

  • आप सबके पास आधार कार्ड तो होगा ही, अगर आपका आधार कार्ड खो जाये तो आपको उसे फिर से UIDAI की वेबसाइट से डाउनलोड करना पड़ता है, और जब आप उसे Download करने जाते हैं तो आपसे सारी जानकारी प्राप्त करने के बाद वो वेबसाइट आपको आपका आधार कार्ड एक PDF format में Download करवाती है, और वो PDF file भी Password Protected होती है। और उस Password के बारे में आपको उसी वेबसाइट पर बता दिया जाता है।
  • आप तो समझ ही गये होंगे कि ऐसा किस लिये किया जाता है, आपकी निजी ज़ानकारी को safe रखने के लिये।
  • और ऐसा आप भी कर सकते हैं अपनी निजी जानकारी या दूसरों की निजी जानकारी को दूसरों से बचाने के लिये।

File Size Can Be Reducible (फाइल का साइज कम हो जाता हैं)

 

  • आज कल के जमाने में लोगों के पास Storage की उतनी दिक्कत नहीं है जितनी पहले हुआ करती थी जब फोन बनाने वाली कंपनी अपने फोन में Internal Memory बहुत कम दिया करती थी,
  • लेकिन जब ऐसा होता था जब फोन की Internal Memory कम हुआ करती थी तब लोग उसी हिसाब से कम Storage लेने वाली चीज़ें फोन में रखते थे, और अब वर्तमान में जब कंपनियों ने फोन में Internal Memory ज्यादा देना शुरू कर दिया है तो अब लोग उन हिसाब से फोन में चीजें रखते हैं, तो इसका मतलब ये है कि दिक्कत अभी भी होती है….
  • और बात करे PDF files की तो इनका फाइल साइज बहुत ही कम होता है, और इसे और भी कम किया जा सकता है, और इस प्रोसेस में PDF की Quality पर बहुत ही न के बराबर असर पड़ता है। तो किसी भी PDF फाइल को अपने फोन में रखने पर आपको अपने Storage की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

Easy To Share (आसानी से शेयर कर सकते हैं)

  • PDF File को Share करना बहुत ही आसान हो जाता है, क्योंकि यह साइज़ में छोटी होती हैं और बहुत कम साइज़ में ही इनमें बहुत कुछ डाला जा सकता है। और जैसा कि हमने आपको बताया कि इन्हें इनके साइज़ से बहुत अधिक छोटा किया जा सकता है।
    इनका साइज़ छोटा होने के कारण इन्हें ई-मेल के ज़रिये कहीं भी आसानी से भेजा जा सकता है।
  • इन्हें आप अपने फोन या लैपटॉप या PC से किसी भी फोन, लैपटॉप या PC में डाल सकते हैं, फिर आप इन्हें कहीं भी ले जा सकते हैं।
  • और इसमें बहुत सी सुविधायें होती है, सारी तो नहीं लिख सकते न….

तो ये थी पोस्ट Full Form of PDF उम्मीद करते हैं आपको पसंद आयी होगी, और ये भी उम्मीद करते हैं कि आप शेयर भी करेंगे.

हम ऐसी ही ज्ञानवर्धक पोस्ट इस ब्लॉग पर पोस्ट करते हैं, अगर आप आगे की पोस्ट की जानकारी अपनी ई-मेल में देखना चाहते हैं तो हमारा NewsLetter जरूर Subscribe करें जो कि निःशुल्क है।
धन्यवाद!

Pdf की फुल फॉर्म क्या होती हैं

Portable Document Format

Pdf की खोज कब हुयी थी

सन् 1990 में PDF की खोज के बाद Adobe ने PDF का पहला वर्जन 1.0, 1993 में लांच किया। सन् 1993 से लेकर 1 जुलाई 2008 तक PDF पर Adobe का मालिकाना हक था, फिर 1 July 2008 को Adobe ने एक Public Patent License प्रकाशित किया, जिसके अनुसार PDF पर किसी का मालिकाना हक नहीं रहा Adobe ने उसे Free to Use कर दिया। उसके बाद से इसका बहुत ज्यादा प्रयोग होने लगा।

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